प्रेमचंद का आना…
लेखक मलय नीरव By Malay Nirav वाराणसी के लमही गांव में जन्म लेने वाले प्रेमचंद को उनकी जयंती पर पूरे देश दुनिया के साहित्यकारों ने याद किया और उनके बारे में लिखा भी। मेरी दृष्टि में हर विद्यार्थी के जीवन में प्रेमचंद आते हैं, कभी हीरा-मोती…
आखिर क्यों आम्बेडकर संविधान को जलाने की हद तक जाने की बात कर रहे थे?
By Malay Nirav घटना साल 2013-14 की होगी! मैं इंटरनेट इस्तेमाल करने का आदी हो गया था। किसी दिन अचानक से मेरे मन में ख्याल आया कि एक नया ईमेल आईडी बनाता हूँ। हालांकि मेरे पास एक ईमेल पहले से था, लेकिन वह खुद से बनाया हुआ नहीं था बल्कि दुकान से बनवाया…
आखिर क्यों आम्बेडकर संविधान को जलाने की हद तक जाने की बात कर रहे थे?
By Malay Nirav घटना साल 2013-14 की होगी! मैं इंटरनेट इस्तेमाल करने का आदी हो गया था। किसी दिन अचानक से मेरे मन में ख्याल आया कि एक नया ईमेल आईडी बनाता हूँ। हालांकि मेरे पास एक ईमेल पहले से था, लेकिन वह खुद से बनाया हुआ नहीं था बल्कि दुकान से बनवाया…
म्यांमार: कब तक कैद में रहेंगी ‘आंग सान सू’
By Pooja Kumari & Malay Nirav बालों में रंग-बिरंगे फूल, मासूम व तेजस्वी चेहरा, गुड़िया जैसी दिखती एक अधेड़ उम्र की लड़की, दुबला पतला शरीर पर मन से बाघिन, शान्ति का नोबेल पुरस्कार से सम्मानित, आंग सान सू की! लगभग 15 वसंत-पतझड़ नजरबंदी में व्यतीत कर…
अनब्याही माँ : कलंक या कर्तव्य
By Pooja Kumari “जब कभी हम सुनते हैं कि पैदा करने वाली माँ ने बच्चे को कूड़े के ढेर या कहीं फेंक दी, हमारे भीतर की मानवीयता जाग उठती है, उस बच्चे के साथ रिश्ता जोड़ तड़प उठते हैं और कहते है कि ‘हाय, कैसी माँ होगी जो उस मासूम को छोड़…
दक्षिणपंथी राजनीति में कितना राष्ट्रवाद ?
By Malay Nirav राष्ट्रवाद नहीं, भ्रमवाद! वर्तमान समय में विश्व के अनेक देशों में दक्षिणपंथी राजनीति का उभार देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञ इन्हें राष्ट्रवादी भावना का पोषक मानते हैं। हो सकता है, इनमें से कुछ सच में राष्ट्रवादी विचारधारा से इत्तेफ़ाक़…
मानवता की कहानी
By Malay Nirav हम, तथाकथित सभ्य और श्रेष्ठ इन्सान, पंछी की तरह खुले आसमान में मुक्त उड़ना चाहते हैं लेकिन क्या हम इन पक्षियों की तरह मरना चाहेंगे? आप सोच रहे होंगे कि मैं यह बेतुका-सा सवाल आपसे क्यों पूछ रहा हूँ? शायद आप जानते हों या न भी जानते हों…
सत्य का शोधक:अशोक कुमार पांडेय
By Malay Nirav देश में लोकतंत्र है, यह दो किताब (एक “उसने गाँधी को क्यों मारा”,दूसरा “गाँधी वध क्यों?”) एक साथ किसी दुकान में रखा देख कर आपको महसूस हो सकता है। हालाँकि लोकतंत्र परिपक्व है या अपरिपक्व इसका आकलन हर दिन होते…
किसान आन्दोलन : इतिहास और वर्तमान
By Malay Nirav & Pooja Kumari ‘आन्दोलन’ एक सुनहरा शब्द। इस एक शब्द को सुनते ही आज़ादी से जुड़ी सुखद यादें, गाँधी-नेहरु से लेकर भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस सहित अनगिनत देशद्रोही (तात्कालिक ब्रिटिश सरकार की नज़र में) योद्धाओं के चेहरे आंखों के सामने…
साहित्यकार जो हमसे दूर जा चुके हैं
By Sachin Baghel साल 2020 आपदा का साल था। असंख्य लोग असमय काल के जाल में समा गए । छोटे से लेकर बड़े और अमीर से लेकर गरीब सब इसकी चपेट में आये। साहित्य की दुनिया कैसे अछूती रह सकती थी। इस महामारी में साहित्य के कई सितारे बुझ गए। जिनमें…