कहां गया 900 करोड़ का आत्मनिर्भर पैकेज? SC में केंद्र सरकार ने कहा, वैक्सीन के लिए खर्च नहीं किया एक भी पैसा
Written by Lohit, स्वदेशी वैक्सीन, मेक इन इंडिया वैक्सीन जैसे बड़े-बड़े दावे करनी वाली सरकार की हकीकत क्या है यह 11 मई को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ख़ुद उजागर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जब केंद्र सरकार से पूछा कि वैक्सीन के रिसर्च, डेवलपमेंट और उत्पादन के…
म्यांमार: कब तक कैद में रहेंगी ‘आंग सान सू’
Written by Pooja Kumari & Malay Nirav बालों में रंग-बिरंगे फूल, मासूम व तेजस्वी चेहरा, गुड़िया जैसी दिखती एक अधेड़ उम्र की लड़की, दुबला पतला शरीर पर मन से बाघिन, शान्ति का नोबेल पुरस्कार से सम्मानित, आंग सान सू की! लगभग 15 वसंत-पतझड़ नजरबंदी में व्यतीत…
Battleground Telangana: The next stop for Saffron express after West Bengal
Written by Manesh Yadav Recently in December 2020, we saw a high-octane political campaign in Hyderabad. Not for an assembly or parliamentary election but for a municipal election in the capital city of Telangana. So far, we have never seen such a…
अनब्याही माँ : कलंक या कर्तव्य
Written by Pooja Kumari “जब कभी हम सुनते हैं कि पैदा करने वाली माँ ने बच्चे को कूड़े के ढेर या कहीं फेंक दी, हमारे भीतर की मानवीयता जाग उठती है, उस बच्चे के साथ रिश्ता जोड़ तड़प उठते हैं और कहते है कि ‘हाय, कैसी माँ होगी जो उस मासूम को छोड़…
मौलिक अधिकार और हमारी प्राइवेसी (भाग 2): आखिर क्या चाहता है वाट्सऐप!
Written by Malay Nirav & Pooja Kumari दिनों दिन के अनुभव बता रहें हैं कि हमारी सरकार और स्मार्टफ़ोन लकड़ी में पाए जाने वाले दीमक की तरह हमारी निजता को धीरे-धीरे खाए जा रहे हैं। सड़क पर रहने वाले लोगों की निजता, घरों में बंद रहने वाले लोगों से ज्यादा हो…
मौलिक अधिकार और हमारी प्राइवेसी (भाग 1): वाट्सऐप को हमारी निजता का कितना ख्याल!
Written by Malay Nirav & Pooja Kumari आपकी निजता का न होना ही आधुनिक होना है! आज कल यह सवाल गौण होता जा रहा है कि क्या ईश्वर होते हैं ? आज प्रमुख प्रश्न यह है कि आपकी निजता आपकी है या वह सार्वजनिक हो चुकी है। निजता कोरी कल्पना है या वास्तविकता, अब…
किसान आन्दोलन : इतिहास और वर्तमान
Written by Malay Nirav & Pooja Kumari ‘आन्दोलन’ एक सुनहरा शब्द। इस एक शब्द को सुनते ही आज़ादी से जुड़ी सुखद यादें, गाँधी-नेहरु से लेकर भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस सहित अनगिनत देशद्रोही (तात्कालिक ब्रिटिश सरकार की नज़र में) योद्धाओं के चेहरे आंखों के सामने…
कृषि कानूनों को सुप्रीम कोर्ट नहीं कर सकता है खारिज
Written by Sachin Baghel किसानों के प्रदर्शन को एक माह से ज्यादा हो गया है। वो खुले आसमान के नीचे ,ठंड़े पथरीले हाइवे के ऊपर अपना ढेरा डाले हुए हैं। दिल्ली में शीतलहर का प्रकोप कहर ढा रहा है और सरकार की टालमटोली का अंत निकट नजर नहीं आ रहा है । ठंड अबतक 40…
साहित्यकार जो हमसे दूर जा चुके हैं
Written by Sachin Baghel साल 2020 आपदा का साल था। असंख्य लोग असमय काल के जाल में समा गए । छोटे से लेकर बड़े और अमीर से लेकर गरीब सब इसकी चपेट में आये। साहित्य की दुनिया कैसे अछूती रह सकती थी। इस महामारी में साहित्य के कई सितारे बुझ गए। जिनमें मुख्य रूप…
विकासमय विनाश या विनाशमय विकास !
Written by Pooja Kumari विकास को बहुरंगी, सतरंगी होना चाहिए। एकरंगी विकास एक के लिए विकास हो सकता है तो दूसरे के लिए विनाश। एकरंगी विकास कब विनाश में तब्दील हो जाएगा, यह अनुमान से परे है। वैसे तो विनाश और विकास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं…