न्यू इंडिया: कटी-फटी जीन्स का दौर और हमारी अदालतें।
By Malay Nirav पुलिस हो या राजनेता, इनका स्त्री-फोबिया चेहरा सामने आता रहता है लेकिन आजकल इस फेहरिस्त में न्यायमूर्ति भी शामिल होने लगे हैं। आखिर क्यों? भारत देश में आज भी नागरिक न्यायालय पर औरों के बनिस्पत ज्यादा भरोसा करते हैं। उसी न्याय के…
अनब्याही माँ : कलंक या कर्तव्य
By Pooja Kumari “जब कभी हम सुनते हैं कि पैदा करने वाली माँ ने बच्चे को कूड़े के ढेर या कहीं फेंक दी, हमारे भीतर की मानवीयता जाग उठती है, उस बच्चे के साथ रिश्ता जोड़ तड़प उठते हैं और कहते है कि ‘हाय, कैसी माँ होगी जो उस मासूम को छोड़…
महिला सशक्तिकरण और आरक्षण
By Anjani Thakur “जहाँ हम एक ओर समाज में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में लगे हैं वहीँ दूसरी ओर ‘प्रशाशन’ में उनकी ना के बराबर हिस्सेदारी को अनदेखा कर रहे हैं। तभी तो महिला आरक्षण बिल भारतीय राजनीति में गले का फांस बना हुआ है। जो…