ना…ना…ना…सुनना-पढ़ना-सुनाना
प्रतीकात्मक फोटो By Malay Nirav यूट्यूब की दुनिया ब्रह्मांड जैसी लगती है, अनंत…अंतहीन…हाथ डालो अंदर और कुछ न कुछ जरूर निकल आएगा। स्क्रोल करते जाओ, करते जाओ, आकाश को देखते जाओ…देखते जाओ, आकाश नहीं खत्म होता, हमारा देखना ठहर…
घो घो रानी कितना पानी? इतना पानी.. इतना पानी
प्रतीकात्मक तस्वीर By Malay Nirav “घो घो रानी कितना पानी” …”सुपली भर पानी”… “ठेवना भर पानी”…”कमर भर पानी”। इस बाल गीत को कभी न कभी हम सब जरूर सुनें होंगे, खेले होंगे यह खेल…
कृषि कानूनों पर सुनवाई: सवाल सिर्फ़ निष्पक्षता का नहीं, पितृसत्ता और इस्लामोफ़ोबिया का भी है!
By Gautam Kumar कृषि कानूनों से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को समझने से पहले हमें यह भी जान लेना चाहिए कि न्यायालय में किस मामले की सुनवाई हुई। तीन तरह के लोगों ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है। पहले वो जो इन कृषि कानूनों के समर्थक हैं, दूसरे वो जो…
किसान, जिन्हें ख़ामोश रहने की सज़ा मालूम है!
By Prabhakar ” शायद किसानों को ख़ामोश रहने की सज़ा मालूम है इसलिए आज वो सड़कों पर हैं। किसान अपने हक की लड़ाई के लिए ही सड़कों पर आते हैं वरना उन्हें खेती किसानी से कहाँ फुरसत कि आकर कड़ी ठंड में अपनी जान गवाएँ। “ Photo credit: Reuters…
The nationalistic claim of the World’s Largest Vaccination Program is going to take us nowhere
By Gautam Kumar “The Prime Minister claiming the world’s largest vaccination program is set to start and the DCGI claiming that the vaccines are 110% safe, is nothing but a nationalistic claim to cover the opaque system of governance in our…