प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सच्चाई! पहले आवास आवंटित किया और फिर धन वसूली का नोटिस।
14 दिसंबर 2021 को सूचना पत्र कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सत्र 2018-19 व 2020-21 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 1213612 आवास आवंटित किए गए जिसमें 638458 घर पूरे तरीके से तैयार बताए गए हैं। जिस पर…
क्या ‘नरेगा’ को ‘मनरेगा’ नाम देकर महात्मा गांधी को किया जा रहा अपमानित?
ग्रामीण विकास और रोजगार के दोहरे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मनरेगा का महत्त्वपूर्ण योगदान है। देश तरक्की कर रहा है लेकिन बहुत धीमी गति से। इसका मुख्य कारण “विभागीय भ्रष्टाचार” है। क्या ‘नरेगा’ को ‘मनरेगा’ कहने मात्र से…
दलित ग्रामीणों के लिए “बिजली हर घर” कैसे बनी समस्या
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 करीब है। चुनावी मौसम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं और कामों को भुनाते नज़र आ रहे हैं। चुनावी सभा को संबोधित कर रहे हों या किसी योजना का शिलान्यास या लोकार्पण कर रहे हों, उत्तर…
पश्चिम बंगाल चुनाव: क्या “तोमार नाम अमार नाम” नारे में जुड़ेगा “जय श्रीराम-जय श्रीराम” ?
पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव जोरों पर है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपना पूरा दम लगा दिया है। चुनाव की तारीख भी तय हो चुकी है। निर्वाचन आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल के 294 विधान सभा सीटों के लिए 8 चरणों में मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 27 मार्च को और…
उत्तराखंड आपदा: आग को पानी का डर बना रहना चाहिए।
उत्तराखण्ड के चमोली जिले में 7 फरवरी को भीषण आपदा के कारण उत्तराखण्ड एक बार फिर सुर्खियों में है। देवभूमि के नाम से जाना जाने वाला उत्तराखण्ड इन दिनों तबाही के मंजर देख रहा है। यदि कोई इस आपदा को “दैवीय आपदा” कहता है तो शायद वह अपनी जिम्मेदारियों से मुँह…
किसान, जिन्हें ख़ामोश रहने की सज़ा मालूम है!
” शायद किसानों को ख़ामोश रहने की सज़ा मालूम है इसलिए आज वो सड़कों पर हैं। किसान अपने हक की लड़ाई के लिए ही सड़कों पर आते हैं वरना उन्हें खेती किसानी से कहाँ फुरसत कि आकर कड़ी ठंड में अपनी जान गवाएँ। “ Photo credit: Reuters “मेरा देश बदल रहा…
आस्था प्रतीक राम
“सरकारों में थोड़ी भी गैरत हो तो रामराज्य की प्रजा और अपने देशवासियों की स्थिति की तुलना जरूर करनी चाहिए।“ आज भारतीय जनमानस का एक बहुत बड़ा हिस्सा खुशियों में सराबोर है।उत्सव मनाया जा रहा है।अयोध्या वासी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोग अपनी…
संकल्प ही है विकल्प
दिल्ली में, सबसे पहली रामलीला बहादुरशाह ज़फर के समय पुरानी दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई थी। यहाँ की रामलीला में पात्रों की वेशभूषा दर्शनीय है। बीते सालों की तरह इस बार भी देश भर में दशहरा काफी धूमधाम से मनाया गया । दशहरे का मेला हो या दशानन का वध,…